15 जनवरी… 26 साल पुरानी वो तारीख… जब इंदौरी क्रिकेटर का नाम रिकॉर्ड बुक में हुआ था दर्ज

15 जनवरी… मकर संक्राति के बाद अगला दिन… उत्तरायण का सूर्य…. मौसम में गुलाबी ठंड… और चेन्नई (उस वक्त मद्रास) शहर… जी हां 26 साल पहले कुछ ऐसा ही अहसास था… जब मूल रूप से उत्तर प्रदेश के और इंदौर में रच बस गए… नरेन्द्र हिरवानी ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था… हिरवानी ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण 11 जनवरी 1988 को किया… और चार दिन बाद 15 जनवरी 1988 को रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज हो गया … हिरवानी के नाम पदार्पण टेस्ट में विश्व में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी विश्लेषण है… जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 136 रन पर 16 विकेट लिए थे।

भारत के लिए यह टेस्ट बेहद अहम था… चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले तीन टेस्ट बाद वेस्टइंडीज को 1-0 से बढ़त मिली हुई थी… सीरीज में बराबरी हासिल करने के लिए यह टेस्ट जीतना हर हाल में जरूरी थी… ऐसे निर्णायक टेस्ट में नरेन्द्र हिरवानी को पदार्पण का मौका मिला… स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की कमजोरी का हिरवानी ने पूरा फायदा उठाया… चेपॉक का विकेट कुछ ऐसा था कि पहले ही दिन से उस पर गेंद जबर्दस्त तरीके से घूमाव ले रही थी… भारत ने पहली पारी में कपिल देव के शतक की बदौलत 382 रन बनाए… मैच के पहले दिन तो हिरवानी को कोई मौका नहीं मिला… दूसरे दिन वेस्टइंडीज को बल्लेबाजी का और हिरवानी को अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाने का मौका मिला… हिरवानी ने गस लोगी, रिची रिचडर्सन और कार्ल हूपर के रूप में तीन विकेट लिए… वेस्टइंडीज का स्कोर रहा पांच विकेट पर 147 रन।

Narendra Hirwani

तीसरा दिन हिरवानी के लिए बेहद खास रहा… वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से 147 रन से आगे खेलना शुरू किया… और शेष पांचों विकेट हिरवानी ने झटक लिए… जिसमें महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्डस का विकेट भी शामिल था जिन्हें हिरवानी ने 68 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया… हिरवानी को अब भी वो गेंद याद है… वो गुगली थी… जिसे दुनिया का सबसे धाकड़ बल्लेबाज पढ़ने में नाकाम रहा… और उसके डंडे उड़ गए… पहली पारी के बाद हिरवानी का गेंदबाजी विश्लेषण था 18.3 ओवर में 61 रन देकर आठ विकेट।

भारत ने तीसरे दिन चार विकेट पर 181 रन बनाए और चौथे दिन आठ विकेट पर 217 रन बनाकर पारी घोषित कर दी… वेस्टइंडीज को जीत के लिए मिला 416 रन का लक्ष्य… 41.2 ओवर में मैच का नतीजा आ गया… हिरवानी ने दूसरी पारी में भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी… इस बार तो महज 15.2 ओवर में ही उन्होंने 75 रन देकर आठ विकेट चटकाए… जिसमें सर विव रिचर्ड्स का विकेट फिर शामिल था… इस बार सर रिचर्ड्स केवल चार रन बना पाए।

Hirwani

पहली पारी में हिरवानी की गेंदबाजी से वेस्टइंडीज के बल्लेबाज इस तरह खौफजदा हुए कि दूसरी पारी में उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण से हटाने के लिए आक्रमक बल्लेबाजी करना शुरू कर दी… नतीजा यह रहा कि पांच बल्लेबाज स्टंप आउट हुए… इस तरह हिरवानी के नाम पर पदार्पण टेस्ट में सबसे किफायती गेंदबाजी कर 16 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया।

नरेन्द्र हिरवानी का टेस्ट/वनडे रिकॉर्ड:

Mat

Inns

Balls

Runs

Wkts

BBI

BBM

Ave

Econ

SR

5w

10w

टेस्ट

17

28

4298

1987

66

8/61

16/136

30.11

2.78

65.1

4

1

वनडे

18

18

960

719

23

4/43

4/43

31.26

4.49

41.7

0

0

Advertisements

One thought on “15 जनवरी… 26 साल पुरानी वो तारीख… जब इंदौरी क्रिकेटर का नाम रिकॉर्ड बुक में हुआ था दर्ज

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s